Fake Nationalism….

Pramod Chunchuwar forwards this message from
Krishna Kant

जिस देश में 30 करोड़ लोग भूखे सोते हैं, रोज़ 2000 बच्चे कुपोषण से मरते हैं, 41 करोड़ लोगों ने स्कूल का मुंह नहीं देखा है, दर्जनों किसान रोज़ आत्महत्या करते हैं, वहां राजपथ पर योग दिवस का भव्य सरकारी आयोजन अश्लीलता की पराकाष्ठा है.

भारतीयता से प्रेम होता तो सरकार की पहली प्राथमिकता होती कि हम एक भी बच्चे को भूख और कुपोषण से नहीं मरने देंगे. देश से प्रेम होता तो पहली प्राथमिकता होती कि एक भी किसान को फांसी नहीं लगाने देंगे.

योग से प्रेम था तो गोंडा में महर्षि पतंजलि की जन्मभूमि पर कम से कम बिजली पानी और एक धर्मशाला बनवा देते.

वह सब नहीं करेंगे. वहां तो एक आयोजन भी नहीं हो रहा. बस नौटंकी करनी है. योग को प्रमोट करना बुरा नहीं है, न ही मैं योग का विरोधी हूं. कुछ दिन किया भी है.

आम लोगों के लिए स्वस्थ रहने का अच्छा तरीक़ा मौजूद है योग में. योग कम से कम 2200 बरस पुराना है, रामदेवी और नरेंद्रीय नौटंकी एकदम नई है. ये सब फ़र्ज़ी राष्ट्रवादी हैं

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