नज़रिया: चुप्पी के कारण टूटने लगी है मोदी की छवि

राजनीति संदेश देने की कला है लेकिन जब कलाकारी चरम पर पहुंच जाती है तब यह सिलसिला उलट जाता है. सचेत तरीकों से दिए गए संदेश ज़मीनी हक़ीकत से टकरा कर नए संदेश बनाने लगते हैं.

ऐसे में संदेशों की खेती करने वाले राजनेता, छवि प्रबंधन के धुरंधर और तकनीक के तुर्क सभी हतप्रभ रह जाते हैं.

मध्य प्रदेश के मंदसौर में फसल के वाजिब दाम और क़र्ज़माफ़ी के लिए आंदोलन करने वाले छह किसानों की पुलिस की गोली से मौतों के बाद यही हो रहा है.

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